गुरुवार, 26 नवंबर 2020

Ghar ki yaad hindi kavita- घर की याद- शैलेंद्र कुमार

पाठक इस पोस्ट मे ghar ki yaad hindi kavita  जो रायबरेली के प्रतिष्ठित लेखक शैलेंद्र कुमार द्वारा लिखी गयी है जो पाठकों के सामने प्रस्तुत है।


ghar ki yaad hindi kavita
घर की याद

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Ghar ki yaad hindi kavita



घर याद आता है 

तुम्हारा प्यार याद आता है 

आता है आता है,

 सपनों में घर नजर आता है। 


आती है जब याद तुम्हारी

 स्याह रात में उजाला नजर आता है। 


गिरने से पहले संभल जाता हूंँ 

तो मेरी बांह थामे तुम्हारा 

शक्तिशाली हाथ नजर आता है। 


बिगड़ते बिगड़ते बन जाती है 

जब बात तो सिर पर बड़ों का

 साया साफ नजर आता है। 


असंभव सा लगने वाला हर काम भी 

हो जाता जब आसानी से तो 

पूरा परिवार एक साथ नजर आता है 

आता है आता है, सपनों में घर नजर आता है। 


बहने याद आती है, हर भाई याद आता है 

आता है आता है, सपनों में घर नजर आता है।

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शैलेंद्र कुमार
 ग्राम व पोस्ट राही जिला रायबरेली 

मोबाइल नंबर 

7398 56712

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3 टिप्‍पणियां:

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