पाठक इस पोस्ट मे ghar ki yaad hindi kavita जो रायबरेली के प्रतिष्ठित लेखक शैलेंद्र कुमार द्वारा लिखी गयी है जो पाठकों के सामने प्रस्तुत है।
ghar ki yaad hindi kavita
घर की याद
घर याद आता है
तुम्हारा प्यार याद आता है
आता है आता है,
सपनों में घर नजर आता है।
आती है जब याद तुम्हारी
स्याह रात में उजाला नजर आता है।
गिरने से पहले संभल जाता हूंँ
तो मेरी बांह थामे तुम्हारा
शक्तिशाली हाथ नजर आता है।
बिगड़ते बिगड़ते बन जाती है
जब बात तो सिर पर बड़ों का
साया साफ नजर आता है।
असंभव सा लगने वाला हर काम भी
हो जाता जब आसानी से तो
पूरा परिवार एक साथ नजर आता है
आता है आता है, सपनों में घर नजर आता है।
बहने याद आती है, हर भाई याद आता है
आता है आता है, सपनों में घर नजर आता है।
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| शैलेंद्र कुमार |
मोबाइल नंबर
7398 56712
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सुंदर काव्यसृजन
जवाब देंहटाएंधन्यवाद सर
हटाएंहर महत्वपूर्ण रिश्ते को इस कविता में संजोया गया है
जवाब देंहटाएं