सोमवार, 2 नवंबर 2020

Short poetry on life- शैलेन्द्र कुमार

Short poetry on life

Short-poetry -on-life
शैलेंद्र कुमार


  1.  तस्वीर


बहुत ही सुंदर लगती हो इसमें 
आकर्षणों से भरी है यह तस्वीर तुम्हारी

मधुर मुस्कान मोहक है मोनालिसा सी 
आँखों में अजब सम्मोहन रहता है ।

ओठों पर अठखेलियाँ करती है चाँदनी
कपोलों में मदिर अनुराग बसता है ।

अलकों में उलझ जाते हैं मेरे नयन 
तुम्हें जी भर देखने को मन करता है ।

 2. डर हैं


कैसे आऊं पास तुम्हारे
 मर जाने का डर है

आंखों से छलकता है
 अनुराग का समंदर
इस    गहराई   में 
डूब जाने का डर है ।

होठों पर खेलती रहती हैं
 तबस्सुम की बिजलियां इनमें 
जल जाने का डर है ।

गेसूओं में उमड़ती हैं घटाएं घनघोर, 
इस अंधेरे में 
गुम हो जाने का डर है ।

कैसे आऊं पास तुम्हारे 
मर जाने का डर है ।

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