मंगलवार, 3 नवंबर 2020

Love zihad par kavita-इंसाफ चाहिए

 Love zihad par kavita
Love-zihad-par-kavita
डॉ.संपूर्णानंद मिश्र

चाहिए इंसाफ़

होना चाहिए
 परिवर्तन एक सीमा तक
चाहे वह सामाजिक परिवर्तन 
हो या वैचारिक परिवर्तन
सृष्टि का शाश्वत नियम भी है परिवर्तन
इसी के नियामक हैं
 अंधकार और प्रकाश भी
दिन और रात भी 
सूर्य और चांद भी
जब मज़हबी रंग में 
परिवर्तन के परिधान 
को डूबो दिया जाता है 
तो वह घातक सिद्ध हो जाता है 
देश एवं समाज के लिए
गुज़र रहा है 
देश भी हमारा इसी दौर में 
सबसे ज़्यादा 
झुलसा रही है हमारी बेटियों को 
बचाना होगा उन्हें 
इस आंच से  
झोंक देना चाहते हैं 
इस धर्म परिवर्तन की आग में
 भोली- भाली बेटियों को 
ताकि मिटा सके 
अपनी वासनात्मक भूख़ 
लव जेहाद के नाम पर
क्योंकि बिल्कुल 
नहीं हो सकता
प्रेम का मार्ग
 इतना घृणित और विकराल 
जिसकी लपट में 
जलती और मरती रहें
 देश की बेटियां 
आज चाहिए उन्हें इंसाफ़


संपूर्णानंद मिश्र
प्रयागराज फूलपुर

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