शुक्रवार, 27 नवंबर 2020

desh bhakti kavita yuvaon ko aahvaan- युवाओं को आह्वान/सीताराम चौहान पथिक़

 desh bhakti kavita yuvaon ko aahvaan

desh- bhakti- kavita- yuvaon- ko- aahvaan

युवाओं को आह्वान 

 

है कहां आज वह राष्ट्र प्रेमॽ

जिस धुन पर नाचे सेनानी।

जागो जागो - है युवा - वर्ग ,

यह राष्ट्र मांगता कुर्बानी  ।।

 

तुम स्मरण करो उस सैनिक को ,

तैनात हैं जो हिम - शिखरों पर

केंद्रित है उसकी दूर - दृष्टि ,

फैले  आतंकित शिविरों पर।

 

यह युद्ध अघोषित नगरों में ,

आतंकी छिप कर आते हैं

निर्दोष असंख्यो नर - नारी ,

हिंसा की बलि चढ़ जाते हैं

 

है राष्ट्र शक्तिशाली- यद्यपि  ,

सरकार शान्ति हल खोज रही

केवल मौखिक धमकीं देकर ,

आतंकी को है  रोक  रही  ।।

 

है आज मतों की राजनीति  ,

आतंकी हैं  निर्भीक  यहां  

निर्दोष प्रजा बलि का बकरा ,

दोषारोपण  की   रीति  यहां

 

इस राजनीति की चौपड़ में ,

स्वार्थी -  जाम टकराते  हैं 

आरक्षण - अस्त्र थमा हमको ,

हम में  संघर्ष   कराते  हैं 

 

आरक्षण का आधार आर्थिक,

केवल  निर्धन तम का अधिकार

जातिभेद को हम सब भूलें ,

करें  हॄदय से यह स्वीकार

 

इस भ्रष्ट तंत्र का  उन्मूलन  ,

नव - युवा  तुम्हें करना होगा

लोगों को शिक्षित कर उनमें ,

कर्तव्य - बोध  भरना  होगा

 

जागो - जागो हे  युवा - वर्ग ,

इतिहास  तुम्हें लिखना होगा।

कथनी - करनी का भेद मिटा

विश्वास - पात्र  बनना  होगा

 

दृढ राष्ट्- भावना के  अंकुर

नागरिकों  में  भरने  होंगे 

और देश - द्रोहियों  के सपने

समूल  नष्ट  करने  होंगे  ।।

 

छल और  प्रपची  दुःशासन

धृतराष्ट्र - दमन करना होगा।

भूलें - बिसरे जन - नायक में

नव स्वाभिमान  भरना होगा

 

भारत की जर्जर राजनीति ,

केवल सत्ता पर आधारित

भारत के भावी प्रतिनिधियो

गणतंत्र तुम्हीं पर है आश्रित

 

उज्ज्वल चरित्र के प्रतिनिधि ही ,

संसद- गरिमा  लौटायेगे  

कौटिल्य- नीति अपनाने से ,

 सिर - मौर  विश्व  कहलायेंगे

 

तुम नव प्रभात नव आशा हो

 भारत के  भाग्य - विधाता हो हे क्रान्ति दूत,

आदर्श  बनो , तुम ही  राष्ट्र - निर्माता  हो

 

आह्वान पथिक का है तुमको

हनुमंत - शक्ति को पहचानो

तुम कॄपा पात्र श्री राम के हो नव- युवा स्वयं को पहचानो

पढ़े कविताएं : अलोकिक  मिलन 

शहीद हिंदी कविता 



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सीताराम चौहान पथिक़

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