सोमवार, 23 नवंबर 2020

veer shahido par kavita-शहीद -सीताराम चौहान पथिक

 veer shahido par kavita

सीता राम चौहान पथिक की veer shahido par kavita शहीद  सैनिको  को समर्पित  है  । जिन्होने मातृभूमि पर अपना जीवन नौछाबर कर दिया ।एक देशभक्त के शहीद सैनिक के प्रति भाव को लेखक ने अपनी कविता मे बखूबी पिरोया है | shaheed sainiko par kavita प्रस्तुत है पाठकों के लिये  ।

veer-shahido- par- kavita
veer shahido par kavita

 

शहीद

 

बच्चो, यह देश भारत ,

मैं तुमको सौंपता  हूं 

गंगा - यमुन - हिमालय ,

सब  तुमको सौंपता  हूं ।।

 

शहीदों ने इसको अपने  ,

खूॅ  से  तिलक किया है

झुक जाए ना  तिरंगा  ,

अब  तुमको सौंपता हूं  ।।

 

मैंने  तो  ज़िन्दगी  को  ,

कुर्बान कर दिया  है 

छाती  पे  खा-के  गोली ,

बलिदान  कर  दिया  है ।।

 

देखो , तिरंगा  फिर  भी  ,

झुकने  नहीं  दिया  है 

भारत  को अब संभालो ,

आज़ाद  कर  दिया  है ।।

 

माटी  को  हाथ  में  लो ,

मस्तक से फिर लगाओ

शहीदों  की  रूह इसमें  ,

मस्तक  इसे  झुकाओ  ।।

 

माटी  है मां   हमारी    ,

मचला  है इसमें बचपन

लग  जाए ना  नज़र   ,

बच्चो ,    इसे   बचाओ  ।।

 

यह  देश  है  तुम्हारा    ,

दुश्मन भी कम नहीं है 

आगे  कदम   बढ़ाना   ,

जा  जाए  ग़म  नहीं  है ।।

 

मां  पर  ना   आए ,

दुनिया  को यह बताना

हिंदुस्तान     किसी   से  ,

पथिक  कम  नहीं    है  ।।

पढ़े :दस्तक हिंदी कविता 

 पड़ोसी खतरनाक है

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सीताराम चौहान पथिक

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