veer shahido par kavita
सीता राम चौहान पथिक की veer shahido par kavita शहीद सैनिको को समर्पित है । जिन्होने मातृभूमि पर अपना जीवन नौछाबर कर दिया ।एक देशभक्त के शहीद सैनिक के प्रति भाव को लेखक ने अपनी कविता मे बखूबी पिरोया है | shaheed sainiko par kavita प्रस्तुत है पाठकों के लिये ।
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| veer shahido par kavita |
शहीद ।
बच्चो, यह देश भारत ,
मैं तुमको सौंपता हूं ।
गंगा - यमुन - हिमालय ,
सब तुमको सौंपता हूं ।।
शहीदों ने इसको अपने ,
खूॅ से तिलक किया है ।
झुक जाए ना तिरंगा ,
अब तुमको सौंपता हूं ।।
मैंने तो ज़िन्दगी को ,
कुर्बान कर दिया है ।
छाती पे खा-के गोली ,
बलिदान कर दिया है ।।
देखो , तिरंगा फिर भी ,
झुकने नहीं दिया है ।
भारत को अब संभालो ,
आज़ाद कर दिया है ।।
माटी को हाथ में लो ,
मस्तक से फिर लगाओ ।
शहीदों की रूह इसमें ,
मस्तक इसे झुकाओ ।।
माटी है मां हमारी ,
मचला है इसमें बचपन ।
लग जाए ना नज़र ,
बच्चो , इसे बचाओ ।।
यह देश है तुम्हारा ,
दुश्मन भी कम नहीं है ।
आगे कदम बढ़ाना ,
जान जाए ग़म नहीं है ।।
मां पर ना आच आए ,
दुनिया को यह बताना ।
हिंदुस्तान किसी से ,
पथिक कम नहीं है ।।
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| सीताराम चौहान पथिक |
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