स्वाधीन राष्ट्र (svaadheen raashtr)
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| स्वाधीन राष्ट्र |
स्वाधीन राष्ट्र
प्रिय राष्ट्र , तू ही ज़िन्दगी ।
तुझको हमारी बंदगी ।।
तू ही तो जीवन - गीत है ।
आनंदमय संगीत है ।।
यदि तू नहीं - तो हम नहीं ।
सुख भी मिले तो सुख नहीं ।
स्वाधीनता में दुःख मिले ।
सह लेंगे - यदि कांटे मिले ।।
स्वतन्त्रता से जिये हम ।
सर्वोच्च मस्तक किये हम ।।
नहीं आंच आए देश पर ।
बलिदान हों स्वदेश पर ।।
हम स्वाभिमान से जिये ।
राष्ट्र - रस अमॄत पियें ।।
यह राष्ट्र ही तो प्राण है ।
मां - भारती की शान हैं ।।
प्रिय राष्ट्र को कोटिश नमन।
बलिदानियों का यह चमन ।।
इसको ना झुकने देंगे हम ।
इसको ना लुटने देंगे हम ।।
शत्रु अब यह जान लें ।
अच्छी तरह पहचान ले ।।
यम - दूत हैं , ले लेंगे प्राण ।
अब शत्रु हो जा सावधान ।।
स्वाधीन राष्ट्र के लिए ।
हम हैं हलाहल को पिये ।।
सीमाओं के प्रहरी है हम ।
वीरत्व स्वर - लहरी है हम ।।
प्रिय राष्ट्र , तेरा स्वाभिमान ।
द्बि - गुणित करेंगे सत्य मान।
यह राष्ट्र अपनी आन है ।
बस , जिन्दगी की शान हैं ।।
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| सीताराम चौहान पथिक |


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