गुरुवार, 5 नवंबर 2020

Lori poem in hindi- बिटिया रानी

 Lori poem in hindi एक बच्ची का जन्म हुआ उसकी मां नहीं बची अब पिता ही सब कुछ है बच्ची सोना चाहती है पिता लोरी के माध्यम से उसे सुला रहा है यही रचना का भाव है।

Lori -poem -in -hindi
Lori poem in hindi- 


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०० बिटिया रानी ००

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सो जा सो जा बिटिया रानी,

सो जा सो जा।

तुझको सुनाऊं एक कहानी,

सो जा सो जा।


तू मेरे आंगन की एक चिड़िया,

तू है सुन्दर अमृत पुड़िया।


तेरा मेरा रिश्ता ऐसा,

जैसे मोती माला की लड़ियां।


पापा की अपनी राज दुलारी,

सो जा सो जा।


तुझको सुनाऊं एक कहानी,

सो जा सो जा

जब से मेरे घर में आई,

पूरे घर में रौनक छाई।


जब भी हंसती और मुस्काती,

तब-तब मुझको और भी भाई।


तू सुन्दर है प्यारी-प्यारी,

सो जा सो जा।


तुझको सुनाऊं एक कहानी,

सो जा सो जा।


तू पावन गंगा की धारा,

तुझसे घर में है उजियारा।


जब भी अपनी आंखें खोले,

भग जाता घर का अंधियारा।


तू महकें जैसे फूलों की क्यारी।

सो जा सो जा।


तुझको सुनाऊं एक कहानी,

सो जा सो जा।


जब मैं बूढ़ा हो जाऊंगा,

न पैरों से चल पाऊंगा।


तब बनना बैसाखी मेरी,

साथ तेरे मैं घूम आऊंगा।


तू है सबसे न्यारी-न्यारी,

सो जा सो जा।


तुझको सुनाऊं एक कहानी,

सो जा सो जा।

Lori-poem-in-hindi
दुर्गा शंकर वर्मा "दुर्गेश

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