koee to paap kiya hoga
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koee to paap kiya hoga |
कोई तो पाप किया होगा
जो तुम मिलकर फिर बिछड़ गये
कोई तो पाप किया होगा।
अनुजों की रोटी छीनी हो
या बहिनों को धिक्कारा हो
चाचा ताऊ या बाबा को
तीखे वचनों से मारा हो
शोकाकुल किया पिता को या
माँ को सन्ताप दिया होगा
कोई तो पाप किया होगा।
दानी कहलाने की धुन में
बूढ़ी गायों का दान किया
जिसने भी रोका टोंका तो
जी भर उसका अपमान किया
निर्मल निच्छल मन वालों को
निश्चय ही श्राप दिया होगा
कोई तो पाप किया होगा।
गुरुओं से स्वयं दक्षिणा ली
बेटी के धन का भोग किया
पुत्रों को पर आश्रित छोड़ा
जोगी बनने का ढोंग किया
देनी थी जग को शीतलता
लेकिन परिताप दिया होगा
कोई तो पाप किया होगा।
फसलों को रौंदा कुचला या
बस्ती मे आग लगाई हो
पद मान प्रतिष्ठा के खातिर
झूठी सौगन्ध उठाई हो
आश्वासन उत्सव का देकर
दुख शोक विलाप दिया होगा
कोई तो पाप किया होगा।
पंछी के नए घरौंदे को
तिनका तिनका कर डाला हो
धन के मद मे निर्धनता की
पगड़ी को खूब उछाला हो
अनहित करने की कोशिश मे
मरघट पर जाप किया होगा
कोई तो पाप किया होगा।
जो तुम मिलकर फिर बिछड़ गये
कोई तो पाप किया होगा।
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| सृष्टि कुमार श्रीवास्तव |
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