शनिवार, 28 नवंबर 2020

chhand kavita - छंद कविता-गाते रहें निज गीत में/बाबा कल्पनेश

chhand kavita

छंद-शारद

chhand-kavita/baba kalpnesh

 

गाते रहें निज गीत में

 

परिचय-अष्टदशाक्षरावृत्ति

यति-9 ,9

गण विन्यास-

संयोजन-

221-211-212,112-121-121

 

वे आज कानन जा रहे, करते सभी जन शोर।

आओ चलें सब साथ में, चलते चलें उस ओर।।

खोना नही हमको कभी,मलना नहीं निज हाथ।

वे सार जीवन प्राण हैं, तजना संभव साथ।।

 

वे इष्ट हैं हम जीव हैं, मिलता भला कब चैन।

त्यागें नहीं हम चाहते,नित राख लें निज नैन।।

जैसे रहे वह सूर्य है,दिन-रैन ही दिन रैन।

या साथ में नित साथ है,बन कामना हिय मैन।।

 

साथी वही इस देह के,जग जानता यह बात।

जो जीव हैं इस भूमि के, सबके वही निज गात।।

बोलो सहे तब क्यों भला,उनका विछोह अपार।

जो नित्य जीवन सार हैं, नित नव्य जीवन धार।

 

आधार हैं निज प्राण के,इन जीव के सुख सार।

जो जानता यह बात है,करता सदा जयकार।

आओ गहो हृदयेश जी,निज भक्त के सुविचार,

गाते रहें निज गीत में, नित रीतता घन प्यार।

chhand kavita/baba kalpnesh
बाबा कल्पनेश

आपको chhand kavita - छंद कविता-गाते रहें निज गीत में/बाबा कल्पनेश रचना  कैसी लगी अपने सुझाव कमेन्ट बॉक्स मे अवश्य बताए अच्छी लगे तो फ़ेसबुक, ट्विटर, आदि सामाजिक मंचो पर शेयर करें इससे हमारी टीम का उत्साह बढ़ता है।


हिंदीरचनाकार (डिसक्लेमर) : लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुर्नप्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं। सर्वाधिकार सुरक्षित। हिंदी रचनाकार में प्रकाशित रचनाओं में विचार लेखक के अपने हैं और हिंदीरचनाकार टीम का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है।|आपकी रचनात्मकता को हिंदीरचनाकार देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए help@hindirachnakar.in सम्पर्क कर सकते है| whatsapp के माद्यम से रचना भेजने के लिए 91 94540 02444, ९६२१३१३६०९  संपर्क कर कर सकते है।


 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

सभी साथियों से अनुरोध है कि यदि आपकी मातृभाषा हिंदी है,
तो यहाँ अपनी टिप्पणी भी हिंदी (देवनागरी लिपि)
में ही प्रकाशित करने की कृपा कीजिए!
टिप्पणी पोस्ट करने से पहले
ई-मेल के द्वारा सदस्यता ले लिया कीजिए,
ताकि आपकी टिप्पणी प्रकाशित होने के बाद में यहाँ होनेवाली चर्चा का पता भी आपको चलता रहे और आप बराबर चर्चा में शामिल रह सकें!