ye zindagi aasaan ho jae
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| पुष्पा श्रीवास्तव शैली |
ये जिंदगी आसान हो जाए
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चलो बैठो तनिक ये जिंदगी आसान हो जाये।
हँसना भूल ही बैठे,खिली मुस्कान हो जाये।
सुबह की लालिमा छत पर भीआती है
नही मालूम।
चिरैया चहचहा कर कुछ सुनाती है
नही मालूम।
चलो बैठो उछलती सी सुधा का पान हो जाये।
हँसना भूल ही बैठे तनिक मुस्कान हो जाये।
तुम्हारे फूल से हाथों की कोमलता भी गुम
क्यों है?
अरे बालों की लंबी चोटियों में फूल कम
क्यों है?
चलो छूटे हुए क्षण का हृदय में ध्यान हो जाये।
हँसना भूल ही बैठे, तनिक मुस्कान हो जाये।
तुम्हारे पाँव की पाजेब में नूपुर नही है
क्या?
तुम्हारी चूड़ियों में भी गुलाबी पन नही
दिखता।
थके मुखड़े का पहले आज बस सृंगार हो जाये।
हँसना भूल ही बैठे,चलो मुस्कान हो जाये।
पुष्पा श्रीवास्तव शैली
रायबरेली।

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