गुरुवार, 17 सितंबर 2020

hindi kavita aankade kisee ke lie honge- आरती जायसवाल

 hindi kavita aankade kisee ke lie honge -आरती जायसवाल साहित्यकार

hindi -kavita -aankade- kise- ke- lie- honge- आरती जायसवाल
आरती जायसवाल

 *आँकड़े होंगे किसी के लिए।* 


सड़कों पर दौड़ते मज़दूर,
बाज़ारों में बढ़ी भीड़,
पेट की आग की ख़ातिर,
'अनेरा' हो भागते लोग,
ख़बरें जुटाते पत्रकार,
ज़रूरी सेवाएँ प्रदान करते कर्मचारी,व्यापारी,शिक्षक
 आँकड़े होंगे किसी के लिए।
'किसी' के लिए पूरी दुनिया हैं।
वे ,आँकड़े नहीं है ,
वे,हैं स्वप्नपुंज,स्वर्णिम भविष्य के,
बढ़ते जीवन-पथ पर आशाओं का छोर थामे।
सम्भल जाओ!
फूँक-फूँक कर बढ़ाओ क़दम,
पूर्ण सावधानी रखो,अपनाओ सुरक्षा के सभी उपाय।
इन्हें मत बदलने दो 'महामारी से मरने वालों के आँकड़े में।

माननीय!जागिए!
लीजिए
कठोर निर्णय,
रोक दीजिए महामारी के बढ़ते संक्रमण को।
मत होने दीजिए ,
मृत देहों का अपमान ,
प्रदान कीजिए जीवितों को 
जीवनदान।
 वे,आँकड़े होंगे 'किसी' के लिए
'किसी' के लिए पूरी दुनिया हैं । 

                                                                                                  आरती जायसवाल साहित्यकार
 



 

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