भारत की पहचान है हिंदी
भरत भूमि की शान है हिंदी
भारत की पहचान है हिन्दी।
जन-जन की यह मधुमय वाणी
सुरसरि सम हितकर कल्याणी
माँ है माँ का मान है हिंदी
भरत भूमि की शान है हिंदी।
एक सूत्र में सबको बाँधे
एक ईष्ट यह, सब आराधे
नैतिकता का ज्ञान है हिन्दी
भरत भूमि की शान है हिंदी।
गत वैभव की अमिट कहानी
सौम्य सुघर सुंदर वरदानी
संस्कृति का अभिमान है हिंदी
भरत भूमि की शान है हिंदी।
विषपायी मीरा की प्यारी
भारतेन्दु की राजदुलारी
कवियों की मृदुगान है हिंदी
भरत भूमि की शान है हिंदी।
कबिरा की यह अटपट बानी
तुलसी की है राम कहानी
मानस का तन प्राण है हिंदी
भरत भूमि की शान है हिंदी।
नागमती की विरह वेदना
राधा की है प्रणय साधना
केशव का गुणगान हैं हिंदी
भरत भूमि की शान है हिन्दी।
नीर भरी यह दुख की बदली
पीर भरी "आंसू" में मचली
परिवर्तन का भान है हिंदी
भरत भूमि की शान है हिंदी।
सरस्वती सम बहे त्रिवेणी
भारत माँ की अनुपम बेणी
रहिमन औ रसखान है हिन्दी
भरत भूमि की शान है हिंदी।
कभी तोड़ती पथ पर पत्थर
चलती कभी लकुटिया लेकर
दीन दुखी का त्राण है हिंदी
भरत भूमि की शान है हिंदी।
यशोधरा का पूत नियम है
और उर्मिला का संयम है
कितनी सरल महान है हिंदी
भरत भूमि की शान है हिंदी।
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| डॉ.रसिक किशोर सिंह 'नीरज |
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