सोमवार, 14 सितंबर 2020

Hindi poem-'नारी हिन्दूस्तानी-श्रीमती प्रियंका

 Hindi poem-'नारी हिन्दुस्तानी'||श्रीमती प्रियंका

Hindi poem-'नारी हिन्दूस्तानी'||श्रीमती प्रियंका
श्रीमती प्रियंका

नारी हिन्दुस्तानी


अबला- सबला की हुई कहानी पुरानी,

नये अस्तित्व में आई नारी हिंदुस्तानी,

संघर्षों में जूझती रही नयें गंतव्यों को ढूंढती रही,

राह नहीं आसान कोई करें नया काम कोई,

निभाती घर-बाहर सब की ज़िम्मेदारी ,

सरकारी कर्मचारी हो या घर की रानी,

चाह है, सम्मान की नयें कीर्तिमान की,

बदलते पैमानों पर, है अभिमानों पर,

पीछे न हटना है बस आगे ही बढ़ना है,

हर पल जीवन में रचती नई कहानी,

निडर यह  नये जमाने की मर्दानी,

नयें अस्तित्व में आई नारी हिन्दुस्तानी।



श्रीमती प्रियंका

असिस्टेंट प्रोफेसर

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