बुधवार, 16 दिसंबर 2020

anjali sharma hindi poetry- किस्मत और किसान- मितान

1. किस्मत

(anjali sharma hindi poetry)

anjali -sharma-hindi -poetry
anjali sharma hindi poetry



" हाय! ये किस्मत कैसी तेरी,

मजबूरी पत्थर तोड़ने की।

 

गरमी तपती कंचन काया,

ठंड नहीं कुछ ओढ़ने की।

 

तु भी थी कभी नन्ही सी,

किसी माली के गुलशन की परी।

 

माँ ने चुमा था हाथों को,

हाथ पकड़ पिता के चली।

 

बड़ी हुई बेदर्द जहाँ में,

फूल की जगह काँटे राह में।

 

खन-खन करती चूड़ी थी कभी,

औजार थमा अब उसी बांह में।

 

पेट की ज्वाला बूझे कभी तो,

सोचे फटे वसन को जोड़ने की।

हाय ये किस्मत कैसी तेरी,

मजबूरी पत्थर तोड़ने की।

 

2.किसान~मितान

anjali- sharma- hindi- poetry


 

" सुबह बदल गयी,

शाम बदल गयी,

दिन बदल गया,

रात बदल गयी,

पर जो बदला,

वो किस्मत हमारी है।

 

मौसम बदला,

सरकारें बदली,

पर जो बदला,

वो हालात हमारी है।

 

नियम बदले,

कानून बदला,

पर जो बदला,

वो हिम्मत हमारी है।

 

महकमा बदला,

हुक्मराने बदले,

कितने ही;

फरमानें बदले,

पर जो बदला,

वो ताकत हमारी है।

 

सर्दी की ठिठुरन से,

गर्मी की तपिश से,

बादल के गरजने से,

ही तेज बारिश से,

जो टूटती नहीं,

वो हिम्मत हमारी है।

 

कड़कती हो बिजली,

चाहे चलती हो आँधियां,

डँटे रहते हैं खेतों में,

चाहे कहीं भी आशियां हो।

 

फटे-पुराने पहने रहकर,

कपास उगाते हैं,

भूखे-प्यासे पेट हो फिर भी,

अनाज उगाते हैं।

 

पसीना बहाकर खेतों में,

मेहनत से फसल उगाते हैं,

पेट काटकर अपना हम,

दुनिया को खिलाते हैं।

 

हम सीधे-सादे, भोले-भाले,

सच्चे एक इंसान हैं,

धरती हमारी माता है,

अन्न ही भगवान है।

 

दुनिया की दौलत तुम रख लो,

हम पशुओं को धन कहते हैं,

तुम दुनिया के कर लो सैर-सपाटे

हम मस्त इसी में रहते हैं।

 

एक लाठी और हल,

यही मेरा औजार है,

फौलाद सा सीना रखता हूँ,

बाकी सब बेकार है।

 

मेहनत से फसल उगाता हूं,

फिर सबको खिलाता हूं,

पहली रोटी गौमाता को,

चिड़िया कौवा कुत्ते बिल्ली,

भूखे गरीब जरुरत मंदों में,

अन्न मैं लूटाता हूँ

 

घर जाये मेहमान कोई,

पकवान बना खिलाता हूँ,

दान लूटाता हूं अन्न का,

तब अन्नदाता कहलाता हूँ।

 

झुकता हूँ डरता हूँ,

मैं अपने में रहता हूँ,

सच्चा एक इंसान हूँ,

मैं एक किसान हूँ,

सबका मितान हूँ।

अंजली शर्मा

बिलासपुर ( छत्तीसगढ़ ).

अन्य रचना पढ़े :
आपको anjali sharma hindi poetry- किस्मत और किसान- मितान कैसी लगी अपने सुझाव कमेन्ट बॉक्स मे अवश्य बताए अच्छी लगे तो फ़ेसबुक, ट्विटर, आदि सामाजिक मंचो पर शेयर करें इससे हमारी टीम का उत्साह बढ़ता है।
हमें विश्वास है कि हमारे लेखक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस वरिष्ठ सम्मानित लेखिका  का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।लेखिका  की बिना आज्ञा के रचना को पुनः प्रकाशित’ करना क़ानूनी अपराध है |आपकी रचनात्मकता को हिंदीरचनाकार देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए help@hindirachnakar.in सम्पर्क कर सकते है|whatsapp के माद्यम से रचना भेजने के लिए 91 94540 02444,  संपर्क कर कर सकते है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

सभी साथियों से अनुरोध है कि यदि आपकी मातृभाषा हिंदी है,
तो यहाँ अपनी टिप्पणी भी हिंदी (देवनागरी लिपि)
में ही प्रकाशित करने की कृपा कीजिए!
टिप्पणी पोस्ट करने से पहले
ई-मेल के द्वारा सदस्यता ले लिया कीजिए,
ताकि आपकी टिप्पणी प्रकाशित होने के बाद में यहाँ होनेवाली चर्चा का पता भी आपको चलता रहे और आप बराबर चर्चा में शामिल रह सकें!