बुधवार, 25 नवंबर 2020

kashmakash kalpana awasthi- कशमकश हिंदी कविता -कल्पना अवस्थी

 kashmakash kalpana awasthi

कशमकश

kashmakash- kalpana- awasthi
kashmakash kalpana awasthi


इक कशमकश में उलझ क्यों गई है जिंदगी

चलती भी नहीं और सम्हलती भी नहीं

इक सूरत-सी बन गई है मुश्किलों की

जो बदलती भी नहीं उससे निकलती भी नहीं

kashmakash- kalpana- awasthi



कभी- कभी ऐसे हालात होते हैं जब वजू़द डगमगाता है

हमेशा मजबूत होने के बाद भी मन घबराता है

सोचती हूँ, क्या सबकुछ पा लेना ही जीवन है

और जो नही पाया उसी पर क्यों पछताता है

इक गुबार भरा है,जिसे निकालना है

जो कदम थके हैं संघर्ष से, उन्हें सम्हालना है

बदल गया है ज़माना पर मैं बदलती भी नहीं

इक कशमकश में उलझ क्यों गई है

जिंदगी चलती भी नहीं और सम्हलती भी नहीं


सब कुछ बयां हो जाए बात ही झूठी है

क्योंकि कुछ उम्मीदें बँधकर भी  बहुत बार टूटी हैं

इन टूटी उम्मीदों को जोड़ना होगा

मन में भरे कशमकश के जाल को तोड़ना होगा

जो नहीं मिला उसे भुला के जीना भी हर्ष है

चलने वाले तेरे हर कदम पर इक नया संघर्ष है

कितना मुश्किल भरा है ये जीवन का सफर

और अँधेरे में छिपी है उजाले की इक किरण

जो निकलती भी नहीं और ढलती भी नहीं


इक कशमकश में उलझ क्यों गई है

जिंदगी चलती भी नहीं और सम्हलती भी नहीं

कल्पना तो संघर्ष को संग +हर्ष (खुशी) मानती है

बिना हिम्मत हारे लड़ेगी ये बात जानती है

क्योंकि मुश्किलों की सूरत ऐसे बदलती भी नहीं

इक कशमकश में उलझ क्यों गई है

जिंदगी चलती भी नहीं और सम्हलती भी नहीं।

सबंधित लेख पढ़े : गहराई

आपको kashmakash kalpana awasthi की हिंदी कविता   कैसी लगी अपने सुझाव कमेन्ट बॉक्स मे अवश्य बताए अच्छी लगे तो फ़ेसबुक, ट्विटर, आदि सामाजिक मंचो पर शेयर करें इससे हमारी टीम का उत्साह बढ़ता है।

हमें विश्वास है कि हमारे लेखक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस वरिष्ठ सम्मानित लेखिका  का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।लेखिका  की बिना आज्ञा के रचना को पुनः प्रकाशित’ करना क़ानूनी अपराध है |आपकी रचनात्मकता को हिंदीरचनाकार देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए help@hindirachnakar.in सम्पर्क कर सकते है|whatsapp के माद्यम से रचना भेजने के लिए 91 94540 02444,  संपर्क कर कर सकते है।


3 टिप्‍पणियां:

सभी साथियों से अनुरोध है कि यदि आपकी मातृभाषा हिंदी है,
तो यहाँ अपनी टिप्पणी भी हिंदी (देवनागरी लिपि)
में ही प्रकाशित करने की कृपा कीजिए!
टिप्पणी पोस्ट करने से पहले
ई-मेल के द्वारा सदस्यता ले लिया कीजिए,
ताकि आपकी टिप्पणी प्रकाशित होने के बाद में यहाँ होनेवाली चर्चा का पता भी आपको चलता रहे और आप बराबर चर्चा में शामिल रह सकें!