रविवार, 29 नवंबर 2020

Beti ki bidai kavita kalpana awasthi| बेटी की विदाई - कल्पना अवस्थी

 Beti ki bidai kavita kalpana awasthi

Beti- ki- bidai- kavita- kalpana- awasthi

बेटी की विदाई 

बेटी की विदाई इतनी आसान कहाँ होती है

रहते हैं माँ-बाप बिना बेटी के भी

पर सच है कि उनमें जान कहाँ होती है

घर के आंगन में जब बेटी अपना पहला कदम उठाती है

माँ की ममता देखो तन -मन से हरषाती है

पापा का काम से लौट कर घर आने का इंतजार करना

बेटों से बढकर भी माँ पापा की देखभाल करना

माँ से कहना आप थक गई हैं आराम कर लो

बस प्यार से मुझे अपने आँचल में भर लो

पापा की उंगली थाम कब बड़ी हो जाती हैं

इक नई जिम्मेदारी उनके लिए खड़ी हो जाती है

पूरी दुनिया बन जाती हैं पापा की सिर्फ इक अरमान कहाँ होती हैं

बेटी की विदाई इतनी आसान कहाँ होती है


पाई -पाई लगा देता है इक पिता,बेटी की खुशी के लिए

कि मेरी बेटी की शादी में कुछ कमी ना हो

ऐसा कहते वक्त गौर से देखिए

उस पिता की आँखो में नमी ना हो

सीने से लगाकर जब पिता बेटी अपनी विदा करता है

खुश रहे मेरी बेटी सदा ये दुआ करता है

मायके में छोड़ जाती हैं अपना बचपन

वो अपने पापा के घर में मेहमान कहाँ होती हैं

बेटी की विदाई इतनी आसान कहाँ होती है


अपना घर छोड़ जाना आसान नहीं होता

ऐसा नहीं कि बेटी का दिल परेशान नहीं होता

भाई -बहनों की लड़ाई फिर भी साथ खाना

हंसते मुस्कराते हुए सारा घर सिर पर उठाना

बहुत याद आएगी आप सबकी पापा

ऐसा कहते ही रोने लग जाना

अपनो से दूर जा इक नई दुनिया बसानी है

कल्पना इस बात से बेटी अंजान कहाँ होती है

बेटी की विदाई इतनी आसान कहाँ होती है।

अन्य कविताये पढ़े :  कशमकश हिंदी कविता

beti-ki-bidai-kavita-kalpana-awasthi
कल्पना अवस्थी

आपको Beti ki bidai kavita kalpana awasthi की हिंदी कविता   कैसी लगी अपने सुझाव कमेन्ट बॉक्स मे अवश्य बताए अच्छी लगे तो फ़ेसबुक, ट्विटर, आदि सामाजिक मंचो पर शेयर करें इससे हमारी टीम का उत्साह बढ़ता है।

हमें विश्वास है कि हमारे लेखक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस वरिष्ठ सम्मानित लेखिका  का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।लेखिका  की बिना आज्ञा के रचना को पुनः प्रकाशित’ करना क़ानूनी अपराध है |आपकी रचनात्मकता को हिंदीरचनाकार देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए help@hindirachnakar.in सम्पर्क कर सकते है|whatsapp के माद्यम से रचना भेजने के लिए 91 94540 02444,  संपर्क कर कर सकते है।



1 टिप्पणी:

सभी साथियों से अनुरोध है कि यदि आपकी मातृभाषा हिंदी है,
तो यहाँ अपनी टिप्पणी भी हिंदी (देवनागरी लिपि)
में ही प्रकाशित करने की कृपा कीजिए!
टिप्पणी पोस्ट करने से पहले
ई-मेल के द्वारा सदस्यता ले लिया कीजिए,
ताकि आपकी टिप्पणी प्रकाशित होने के बाद में यहाँ होनेवाली चर्चा का पता भी आपको चलता रहे और आप बराबर चर्चा में शामिल रह सकें!