रविवार, 22 नवंबर 2020

Poem on women empowerment in hindi-कर्मवीरा नारियाँ

 आज हम Poem on women empowerment in hindi हिंदी रचनाकार के मंच पर रायबरेली के अवधी भाषा के  प्रसिद्ध कवि आचार्य सूर्य प्रसाद शर्मा"निशिहर की रचनाओं मे से दो कविताएं जो नारी शक्ति के लिए और मानव जीवन को समर्पित पाठकों के सामने प्रस्तुत है।

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Poem on women empowerment in hindi

 कर्मवीरा नारियाँ


 कर रही हैं नाम अपना

कर्मवीरा नारियाँ ।

तोड़ कर बंधन पुराने

प्रगति शीला नारियाँ ।।

व्यंग्य-बम हँस हँस हुमकते

रूढ़िवादी जब कभी

हवा में उनको उड़ातीं

समझ गुब्बारे सभी

फक्क होंगे जानती हैं

शांत-धीरा नारियाँ ।।

असाधारण प्रकृति-रचना

स्वयं को वे मानतीं

पुरुष से हूँ कम नहीं

समतुल्यता है जानतीं

डट रही हैं क्षेत्र में हर

गुरुगँभीरा नारियाँ ।।

शक्तिरूपा संगिनी बन

किए धंधे हैं

धरा से अंतरिक्ष तक

बढ़ दिए कंधे हैं

सृष्टि की आधारभूता

सृजनशीला नारियाँ ।।


     जीवन के मग में


सबको खुद सा समझें-देखें

भर सुदृष्टि दृग में ।

चलें हँस जीवन के मग में ।।

अपना हित हो पर न पर-अहित

हरगिज़ नहीं भुलाएँ

मैत्री -भाव प्रगाढ़ बने

सबके घर जाएँ-बुलाएँ

बढ़ें क़दम आगे,आए ना

कुछ थकान  पग  में।।

सँग-सँग रहिए, अच्छा करिए

प्रगति तभी ही होगी

अलग-अलग रहने से ताकत

आए दिन कम होगी

संबल दें-लें हँस सुखकारी

इस विशाल जग में ।।

पुरखों ने जो दिया ज्ञान-निधि

उसे काम में लाएँ

मार्ग दिखाया है जो पावन

उस पर पैर बढ़ाएँ

गुणवत्ता की चमक मिटे ना

सुआचार-नग में ।।

संकट की घड़ियों में "निशिहर"

लाएँ नहीं निराशा

कट जाएँगी सबकी सब वे

रखिए हिम्मत-आशा

हो न म्लान मुख,बहे निरंतर

उष्ण रक्त रग में। ।

पढ़े: आचार्य सूर्य प्रसाद शर्मा निशिहर का जीवन परिचय

आचार्य सूर्य प्रसाद शर्मा निशिहर-रायबरेली
आपको Poem on women empowerment in hindi-कर्मवीरा नारियाँ और जीवन के मग मे कविता कैसी लगी अपने सुझाव कमेन्ट बॉक्स मे बताए।

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