संस्कृति दम तोड़ती यहां
![]() |
कुलपति डॉ. राजाराम जी के रायबरेली आगमन पर साहित्यकार डॉ. रसिक किशोर सिंह नीरज ने कुलपति का स्वागत करते हुए अपनी संपादित पुस्तके भेंट की।
हमारे वेबसाइट पर हिंदी साहित्य में सभी विधाओं पर रचनाएं लेख, कविता, गीत और गजल प्रेरणादायक कहानियां, यात्रा वृतांत प्रकाशित किए जाते हैं इस वेबसाइट के माध्यम से हिंदी को विश्व स्तर पर हिंदी प्रेमियों के लिए हिंदी, हिंदू ,हिंदुस्तान की प्रतिष्ठा और पहचान तथा हिंदी को राष्ट्रभाषा का स्थान दिलाने का प्रयास है
![]() |
कुलपति डॉ. राजाराम जी के रायबरेली आगमन पर साहित्यकार डॉ. रसिक किशोर सिंह नीरज ने कुलपति का स्वागत करते हुए अपनी संपादित पुस्तके भेंट की।
सभी साथियों से अनुरोध है कि यदि आपकी मातृभाषा हिंदी है,
तो यहाँ अपनी टिप्पणी भी हिंदी (देवनागरी लिपि)
में ही प्रकाशित करने की कृपा कीजिए!
टिप्पणी पोस्ट करने से पहले
ई-मेल के द्वारा सदस्यता ले लिया कीजिए,
ताकि आपकी टिप्पणी प्रकाशित होने के बाद में यहाँ होनेवाली चर्चा का पता भी आपको चलता रहे और आप बराबर चर्चा में शामिल रह सकें!
Dr रसिक सर जी का बहुत बहुत आभारी हूँ उन्होंने कलम के माद्यम से hindirachnakar मंच पर पहली रचना लिखी बहुत बहुत आभार
जवाब देंहटाएं