माँ सरस्वती वंदना
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| अरविंद कुमार जायसवाल |
वंदना
माँ सरस्वती कपाट ज्ञान के उघार दे,
मुंड मालिके जहान में सदा विभूति दे।
गर्जना कराल काल कालिके प्रचण्ड कर,
शत्रु भी समस्त शस्त्र एक बार डाल दे।
जाति की कुरूप कांति धर्म के स्वरूप को,
शिष्टता की डोर बांध प्रेम में उतार दे।
नीति पे अनीति अरविंद हो रही बुलन्द,
ज्वाला देवी एक बार अग्नि बाण मार दे।

Beautiful lines
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