रविवार, 13 सितंबर 2020

Hindi diwas short poem by - *हिन्दी- दिवस-श्रीमती प्रियंका

*हिन्दी- दिवस के शुभ अवसर पर सादर समर्पित* 


हिन्दी भाषा नहीं हम सब की  परिभाषा है,

मेरे सपनों की अभिव्यक्ति एवं आशा है,

समृद्ध, विस्तार, गौरव की कहानी है,

देश विदेश में परचम लहराने वाली,

पर भूली बिसरी अपनों के बीच,

अंग्रेजी फ़ारसी जो आईं अपने देश,

फैशन में अंग्रेजी को वर्चस्व से जाना,

मातृभाषा का हुआ जमाना पुराना,

पर सितम्बर माह में मनाया पखवाड़ा,


टाइम को तब 'समय' बतलाया,

मुश्किल में बोले मातृभाषा जुबानी,

सम्मान,अभिमान की बात तब जानी,

जीवन में रचने बसने वाली भाषा,

बोलने की है अब अभिलाषा।

हिन्दी भाषा नहीं हम सब की  परिभाषा है।


श्रीमती प्रियंका
असिस्टेंट प्रोफेसर

 

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