Corona warriors kavita
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कोरोना योद्धाओं के सम्मान में कविता
उन के लिए मन ही नहीं आत्मा में अभिमान है
कोरोना वारियर्स को बारम- बार प्रणाम है।
उठाया उन्होंने कर्तव्य का जो बेड़ा है
मुश्किल को मुमकिन में बदल डाला जो टेढ़ा है।
लगा जान की बाजी सेवा धर्म निभाया है
दिन-रात एक कर मातृभूमि का ऋण चुकाया है।
बढ़ा हम सबका मान अभिभूत कर डाला है
कहर कोरोनावायरस का जब से छाया है।
घरा अंधियारा सब जग नजर आया है
अदृश्य शत्रु कौन सा कहा से घर में आया है।
मचा कोहराम एक नया संग्राम संग लाया है
इस महायुद्ध ने दुनिया को बेबस कर डाला है।
साहस,संयम,संकल्प का कवच ही अपनाया है
संघर्षों संग ले मन मे उमंग जीतगे जंग ऐ ठानी हैं।
घर-बाहर,देश-विदेश,को अब नहीं जाना है
सपना एक ही ठाना कोरोना मुक्त भारत बनाना है।
दे सम्मान, कर अभिमान मनोबल बढ़ा डाले हम।
ले संकल्प, न कर अपमान सहयोग कर डाले हम।
(यह मेरी मूल रचना है।)
इंदिरा गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय, रायबरेली कोरोना संक्रमण से देश को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह ना करके सेवा में लगे रहने वाले कोरोना वॉरियर्स को सभी अपने शब्दों से सम्मानित कर रहे हैं।
इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय की अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ प्रियंका ने भी अपने कलम से कविता के माध्यम से कोरोना वॉरियर्स के लिए अपनी भावनाओं को शब्दों में उतारा है।
श्रीमती प्रियंका
असिस्टेंट प्रोफेसर-अंग्रेजी
इंदिरा गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय, रायबरेली।

धन्यवाद प्रियंका जी जिनकी रचनात्मक कविता लेख से श्रोताओं को सुन्दर एहसास होगा । आम जनमानस कोरोना योद्धा के प्रति बहुत बहुत आभार कविता के माद्यम से व्यक्त करगें।
जवाब देंहटाएंकोरोना योद्धाओं के सम्मान में सुंदर काव्य सृजन
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