शनिवार, 14 नवंबर 2020

Diwali 2020-दीपावली पर हिंदी कविता

  दीपावली प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला एक हिंदू त्यौहार है Diwali 2020 जो कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है हर वर्ष दीपावली अक्टूबर या नवंबर महीने में पड़ता है दीपावली तो और हिंदुओं का महत्वपूर्ण पर्व है दीपावली दीपों का त्योहार है यह तो और हमें संदेश देता है 'अंधकार पर प्रकाश की विजय का' 

Diwali-hindi-kavita


माना जाता है की दीपावली उत्सव भगवान श्री राम के 14 वर्ष वनवास समाप्त होने के पश्चात अयोध्या वापस लौटे थे अयोध्या की प्रजा ने हृदय से अपनी राजा के लिए दीप जलाए उसी दिन से दीपावली की शुरुआत हुई भारतीयों का विश्वास भगवान श्रीराम से था उन्होंने सीखा अपने जीवन में की सत्य की सदा जीत होती है असत्य का हमेशा नाश होता है

 दिवाली का दिन नेपाल, भारत श्रीलंका, म्यांमार, मॉरीशस, गुयाना,  त्रिनिदाद और टोबैगो सूरीनाम, मलेशिया, सिंगापुर फिजी, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया की बाहरी सीमा के क्रिसमिस दीप पर एक सरकारी अवकाश होता है

दीपावली 


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आओ दिये जलायें,

मन का तिमिर भगायें।

झिलमिल-झिलमिल दीपक जलकर,

हरते हैं अंधियारा।

तिमिर भगाकर इसके बदले,

करते हैं उजियारा।

अंधकार में भ्रमित जनों को,

आओ राह दिखायें।

आओ दिये जलायें।

चौदह वर्ष बिताकर वन में,

राम अयोध्या वापस आये।

उनके स्वागत में लोगों ने,

देशी घी के दिए जलाए।

खुशियों की दीवाली आई,

मिलकर नाचें गाएं।

आओ दिये जलायें।

सजी अयोध्या दुल्हन जैसी,

खुशियां सभी मनायें।

राम हमारे राजा होंगे,

राम के गुण सब गायें।

रामराज्य के अंदर हम सब,

जीवन को धन्य बनायें।

आओ दिये जलायें।

दुर्गा शंकर वर्मा "दुर्गेश"


    (स्वरचित)

गीतकार-दुर्गा शंकर वर्मा "दुर्गेश"

      रायबरेली।

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